वित्तीय भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामले में गिरफ्तार आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि इस मामले में ट्रायल की रफ्तार काफी धीमी है। कुल 147 गवाहों में से सुनवाई के दौरान अब तक केवल सात गवाहों की ही गवाही पूरी हो सकी है। उधर, संदीप घोष 2 साल से भी अधिक समय से जेल में है। नतीजा कोर्ट से उन्हें राहत मिली है। इस पर सीबीआई को आड़े हाथों लेते हुए आरजी कर कांड की पीड़िता के पिता शेखर देवनाथ ने कहा कि 147 करोड़ जनता का भरोसा जिस संस्था पर है अगर उसमें लापरवाही है, तो जनता उस पर कैसे भरोसा करेंगी। इस मामले में सरकार नहीं बल्कि संस्था जिम्मेवार है।
