देश के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद तृतीय लिंग के लिए नहीं है सार्वजनिक शौचालय।
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने 2014 के अपने एक ऐतिहासिक फैसले में ट्रांसजेंडर वर्ग को तीसरे लिंग के रूप में मान्यता दी। उनके लिए अलग से सार्वजनिक शौचालय बनाने जैसी कई सुविधा प्रदान करने का आदेश दी। फैसला के 9 साल बीत जाने पर भी तृतीय लिंग श्रेणी के लिए कई शहरों में सार्वजनिक शौचालय…