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शहीद बेदी तोड़ने के विवाद में तृणमूल व माकपा में मारपीट।

 

आगरपाड़ाः पानीहाटी के उसुमपुर बड़तला में माकपा की शहीद बेदी तोड़ने के विवाद में माकपा और तृणमूल के बीच मारपीट हुई। जिसमें माकपा के 6 सदस्य जख्मी हुए। सरकारी अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराने के बाद घायलों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाया है।

दरअसल उस अंचल में सड़क को चौड़ा करने का काम चल रहा है। पहले सड़क 14 फीट चौड़ा थी। जिसे अब 30 फीट किया जा रहा है। उसके लिए सड़क के 125 दुकानों को हटाया गया है। पहले सड़क के किनारे स्थित बेदी विस्तार करने के वजह से बीच में पड़ जा रही थी। निर्माण में आड़े आ रही बेदी को नगरपालिका ने तोड़कर हटा दिया है। मारपीट में जख्मी हुए पानीहाटी एरिया कमेटी की सदस्य पूर्वी सरकार ने आरोप लगाया कि बेदी तोड़े जाने का विरोध करने पर तृणमूल कर्मियों ने उन्हें घेर लिया। स्थानीय पार्षद हीमांशु देव और पुलिस के उपस्थिति में उन्हें बेधड़क मारा गया। उधर, माकपा नेता शुभ्रब्रत चक्रवर्ती ने बताया कि 1959 के खाद्य आंदोलन के शहीदों की स्मृति बेदी थी। जिसे तोड़ दिया गया। माकपा विकास कार्य के विरोध में नहीं है। आपसी विचार विमर्श के माध्यम से उसे हटाया जा सकता था। मगर एक तरफा निर्णय लेकर जेसीबी से तोड़ दिया गया।

माकपा के आरोप का खंडन करते हुए पानीहाटी नगरपालिका के सीआईसी एवं स्थानीय पार्षद हीमांशु देव ने बताया कि बेदी को तोड़कर अंचल के विद्यासागर मुर्ति के पास फिर से बनवा देने का बात तय हुआ था। इस बात पर चर्चा करने के लिए शुभ्रब्रत घर से बुलाकर उन्हें मौके पर ले गया। जहां पहले से कुछ माकपा कर्मी खड़े थें। अचानक वे आक्रमक हो उठे। जनता ने उनका प्रतिरोध किया। फिर पुलिस पहुंची। उनका आरोप है कि 125 दुकानदारों के हट जाने पर भी बेदी से सटकर दुकान लगाने वाले पांच छें दुकानदार बलपूर्वक बने रहना चाहते थें। उन्हीं लोगों से गड़बड़ी मचाया है।

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